Jio IPO 2026: दिवाली से पहले शेयर बाजार में 5 आईपीओ की हलचल, जानें कितना लगेगा पैसा

दिवाली से पहले Jio IPO 2026 समेत 5 इश्यू, जानें पूरी डिटेल
नई दिल्ली। Jio IPO 2026: दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ की गतिविधियां तेज हो गई हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा आईपीओ से लेकर पारस हेल्थकेयर और अन्य कंपनियों के इश्यू तक, निवेशकों की नजर कई नए सार्वजनिक निर्गमों पर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में पांच आईपीओ चर्चा में हैं। इनमें जियो और पारस हेल्थकेयर के इश्यू 21 से 23 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुले हैं, जबकि अन्य कंपनियों के इश्यू अलग-अलग तारीखों पर आने वाले हैं।
इन पांच इश्यू में जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ सबसे बड़ा है। कंपनी इसके जरिये 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना लेकर आई है। वहीं, पारस हेल्थकेयर का 1,450 करोड़ रुपये का आईपीओ भी इसी अवधि में निवेशकों के लिए खुला है। इसके अलावा ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स, कोर4 इंजीनियर्स और बीएलएस पॉलिमर्स के आईपीओ भी बाजार की गतिविधियों का हिस्सा हैं।
हालांकि, बाजार में नए शेयरों की पेशकश बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर आईपीओ में निवेश करना फायदेमंद होगा। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं, मूल्यांकन और आधिकारिक दस्तावेजों को समझने के बाद ही फैसला लेना चाहिए।
Jio IPO 2026: कितना है प्राइस बैंड और न्यूनतम निवेश?
जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ इस सीजन का प्रमुख आकर्षण है। कंपनी ने एक शेयर का मूल्य दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये तय किया है। यह इश्यू 21 अक्टूबर को खुला है और इसमें खुदरा निवेशक 23 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं।
आकार के लिहाज से इसे भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बताया जा रहा है। इसकी लिस्टिंग 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में प्रस्तावित है।
Jio IPO की प्रमुख जानकारियां:
- आईपीओ का आकार: 30,213 करोड़ रुपये
- प्राइस बैंड: 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर
- सब्सक्रिप्शन की तारीखें: 21 से 23 अक्टूबर 2026
- लॉट साइज: 12 शेयर
- न्यूनतम निवेश: 13,428 रुपये
- लिस्टिंग की संभावित तारीख: 28 अक्टूबर 2026
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खुदरा निवेशकों को एक लॉट के लिए ऊपरी मूल्य 1,119 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 13,428 रुपये लगाने होंगे। आवेदन करने से पहले निवेशकों को आईपीओ के आधिकारिक दस्तावेजों में दी गई शर्तों और आवंटन संबंधी नियमों की जांच करनी चाहिए।
Paras Healthcare IPO: हेल्थकेयर सेक्टर में भी निवेश का मौका
दिवाली से पहले केवल टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी क्षेत्र ही चर्चा में नहीं हैं। हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनी पारस हेल्थकेयर भी 1,450 करोड़ रुपये का आईपीओ लेकर आई है। इसका इश्यू 21 अक्टूबर को खुला है और 23 अक्टूबर तक आवेदन किया जा सकता है।
कंपनी ने प्रति शेयर 660 रुपये से 693 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। खुदरा निवेशकों के लिए एक लॉट में 21 शेयर रखे गए हैं। ऊपरी मूल्य के हिसाब से एक लॉट के लिए 14,553 रुपये की जरूरत होगी।
Paras Healthcare IPO की प्रमुख जानकारियां:
- इश्यू का आकार: 1,450 करोड़ रुपये
- प्राइस बैंड: 660 से 693 रुपये प्रति शेयर
- लॉट साइज: 21 शेयर
- न्यूनतम निवेश: 14,553 रुपये
- सब्सक्रिप्शन की तारीखें: 21 से 23 अक्टूबर 2026
- लिस्टिंग की तारीख: 28 अक्टूबर 2026
- लिस्टिंग प्लेटफॉर्म: एनएसई और बीएसई
इस आईपीओ में 500 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 950 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि कंपनी को मिलती है, जबकि ऑफर फॉर सेल में मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं और उस हिस्से की रकम उन्हें प्राप्त होती है।
EAAA India Alternatives IPO कब खुलेगा?
एडेलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज की इकाई ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स लिमिटेड भी आईपीओ के जरिये बाजार में उतरने की तैयारी में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1,200 करोड़ रुपये का यह इश्यू 26 अक्टूबर को खुलेगा और 28 अक्टूबर को बंद होगा।
इस आईपीओ के लिए एंकर निवेशक 23 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे। एंकर निवेशक वे संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें आईपीओ में आम निवेशकों की बोली शुरू होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेयर आवंटित किए जा सकते हैं।
ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स का यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल पर आधारित है। इसके तहत एडेलवाइस समूह अपनी हिस्सेदारी बेचेगा। कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी। इसलिए इस इश्यू से मिलने वाली राशि कंपनी के पास नए पूंजी निवेश के रूप में नहीं जाएगी, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारक को मिलेगी।
निवेशकों के लिए यह अंतर समझना जरूरी है, क्योंकि फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल का कंपनी की पूंजी तथा मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है।
Core4 Engineers और BLS Polymers के आईपीओ की तारीखें क्या हैं?
मुख्य बोर्ड के बड़े आईपीओ के अलावा एसएमई प्लेटफॉर्म पर भी नए इश्यू की गतिविधियां जारी हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कोर4 इंजीनियर्स का आईपीओ 23 अक्टूबर को खुलने वाला है, जबकि बीएलएस पॉलिमर्स का एसएमई इश्यू 27 अक्टूबर को खुलने की योजना है।
एसएमई आईपीओ छोटे और मध्यम उद्यमों को शेयर बाजार से पूंजी जुटाने का अवसर देते हैं। हालांकि, ऐसे शेयरों में निवेश करते समय कारोबार के आकार, वित्तीय प्रदर्शन, शेयरों में कारोबार की उपलब्धता और जोखिम को विशेष रूप से समझना जरूरी है।
इन दोनों इश्यू के प्राइस बैंड, लॉट साइज, इश्यू साइज और अंतिम सब्सक्रिप्शन तारीख की पुष्टि निवेशकों को संबंधित कंपनियों के आधिकारिक दस्तावेजों से करनी चाहिए।
SLMG Beverages भी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में
इस बीच, कोका-कोला की भारत में सबसे बड़ी बॉटलिंग कंपनी एसएलएमजी बेवरेजेज ने आने वाले वर्षों में कारोबार बढ़ाने की योजना बताई है। कंपनी अगले पांच साल में अपने कारोबार को 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना चाहती है।
कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक परितोष लधानी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में कम से कम 20,000 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि तब तक कंपनी निश्चित रूप से शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो जाएगी।
इस बयान के मुताबिक, कंपनी अगले तीन से चार साल में आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, यह भविष्य की योजना है और इसे तत्काल आने वाले आईपीओ की सूची में शामिल नहीं समझना चाहिए। इश्यू की वास्तविक तारीख, आकार और मूल्य संबंधी जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
क्या दिवाली से पहले आने वाले आईपीओ में निवेश करना चाहिए?
जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio IPO 2026) और पारस हेल्थकेयर जैसे बड़े इश्यू निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। लेकिन आईपीओ का बड़ा आकार, चर्चित कंपनी का नाम या बाजार में उत्साह अपने आप में अच्छे रिटर्न की गारंटी नहीं है।
निवेश से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना चाहिए:
- कंपनी की वित्तीय स्थिति: राजस्व, मुनाफा, कर्ज और नकदी प्रवाह की जांच करें।
- मूल्यांकन: प्राइस बैंड की तुलना कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और समान क्षेत्र की कंपनियों से करें।
- आईपीओ का उद्देश्य: पता करें कि कंपनी नए कारोबार के विस्तार के लिए पूंजी जुटा रही है या मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
- आधिकारिक दस्तावेज: रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों में दर्ज जोखिमों को पढ़ें।
- निवेश जोखिम: केवल बाजार की चर्चा या संभावित लिस्टिंग लाभ के आधार पर आवेदन न करें।
दिवाली से पहले आईपीओ बाजार में बढ़ी गतिविधि निवेशकों को कई विकल्प दे रही है। लेकिन हर कंपनी का कारोबार, मूल्यांकन और जोखिम अलग होता है। इसलिए निवेश का फैसला अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
डिसक्लेमर: यह खबर सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है, निवेश की सलाह नहीं। आवेदन करने से पहले संबंधित आईपीओ की आधिकारिक जानकारी और ताजा समय-सारणी अवश्य जांचें।
