Bansal Wire Q2 Results: दूसरी तिमाही में राजस्व 23.9% बढ़कर ₹1,308.1 करोड़

वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में EBITDA ₹105 करोड़ और शुद्ध लाभ ₹52.9 करोड़ रहा
बिजनेस डेस्क। Bansal Wire Q2 Results: बंसल वायर इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान उसका समेकित राजस्व सालाना आधार पर 23.9% बढ़कर ₹1,308.1 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹1,055.4 करोड़ था। इस अवधि में कंपनी का EBITDA ₹105 करोड़ और कर पश्चात लाभ (PAT) ₹52.9 करोड़ रहा।
Bansal Wire Q2 Results के मुताबिक, दूसरी तिमाही में कंपनी की बिक्री मात्रा सालाना आधार पर 12.4% बढ़कर 1,28,867 मीट्रिक टन पहुंच गई। कंपनी ने इस दौरान EBITDA और प्रति टन EBITDA के स्तर पर अपने तिमाही रिकॉर्ड की जानकारी दी। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में EBITDA ₹81.6 करोड़ और शुद्ध लाभ ₹38.3 करोड़ था।
दूसरी तिमाही में कंपनी के वित्तीय आंकड़े
जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी के प्रमुख वित्तीय आंकड़े इस प्रकार रहे:
- समेकित राजस्व: ₹1,308.1 करोड़, पिछले वर्ष के ₹1,055.4 करोड़ के मुकाबले 23.9% वृद्धि।
- EBITDA: ₹105 करोड़, पिछले वर्ष के ₹81.6 करोड़ के मुकाबले 28.7% वृद्धि।
- कर पश्चात लाभ (PAT): ₹52.9 करोड़, पिछले वर्ष के ₹38.3 करोड़ के मुकाबले 38% वृद्धि।
- बिक्री मात्रा: 1,28,867 मीट्रिक टन, सालाना आधार पर 12.4% वृद्धि।
प्रति टन EBITDA: ₹8,150.4।
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रणव बंसल ने कहा कि बिक्री मात्रा, EBITDA और प्रति टन EBITDA के स्तर पर दूसरी तिमाही में नए रिकॉर्ड दर्ज किए गए। उन्होंने बेहतर उत्पाद मिश्रण और दादरी संयंत्र में परिचालन दक्षता बढ़ने का उल्लेख किया।
पहली छमाही में राजस्व ₹2,476 करोड़
30 सितंबर 2026 को समाप्त वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी का समेकित राजस्व सालाना आधार पर 24.1% बढ़कर ₹2,476 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह ₹1,994.4 करोड़ था।
पहली छमाही में बिक्री मात्रा 10.1% बढ़कर 2,40,812 मीट्रिक टन रही। इस दौरान EBITDA ₹156 करोड़ से बढ़कर ₹161.7 करोड़ हो गया। हालांकि, शुद्ध लाभ पिछले वर्ष के ₹77.6 करोड़ से घटकर ₹73.4 करोड़ रह गया।
कंपनी का EBITDA मार्जिन भी पहली छमाही में पिछले वित्त वर्ष के 7.8% से घटकर 6.5% दर्ज किया गया। इस तरह Bansal Wire Q2 Results में दूसरी तिमाही और पहली छमाही के लाभ संबंधी आंकड़ों में अलग-अलग रुझान दर्ज हुए।
उत्पादन क्षमता के इस्तेमाल में बढ़ोतरी
कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में 68% रहा उत्पादन क्षमता का उपयोग दूसरी तिमाही में बढ़कर 74% हो गया। प्रबंधन ने बताया कि दादरी संयंत्र में परिचालन दक्षता और उत्पाद मिश्रण में सुधार ने तिमाही के प्रदर्शन में योगदान दिया।
प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रणव बंसल के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में दादरी संयंत्र की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल और उत्पाद मिश्रण में सुधार कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
IHT और OHT उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना
बंसल वायर ने उच्च मूल्यवर्धित उत्पादों के कारोबार से संबंधित कई पहलों की जानकारी दी है। कंपनी की IHT वायर लाइन शुरू हो चुकी है और उससे राजस्व में योगदान मिलने लगा है। स्टील टायर कॉर्ड उत्पाद को ट्रायल ऑर्डर मिले हैं और वह ग्राहकों के मूल्यांकन की प्रक्रिया में है। OHT लाइन की स्थापना का काम जारी है।
कंपनी की योजना वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही तक IHT और OHT की संयुक्त क्षमता को मौजूदा 9,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 15,000 मीट्रिक टन करने की है।
पहली छमाही में परिचालन नकदी प्रवाह ₹339 करोड़
कंपनी के प्रबंधन के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में परिचालन नकदी प्रवाह ₹339 करोड़ रहा। यह वित्त वर्ष 2025-26 में पूरे वर्ष के दौरान दर्ज ₹333 करोड़ से अधिक है।
कंपनी ने यह भी बताया कि पिछले दो तिमाहियों के दौरान कार्यशील पूंजी चक्र से जुड़े दिन 75 से घटकर 49 रह गए हैं।
ROCE बढ़कर 22.3% हुआ
बंसल वायर के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में 15.4% रहा प्रयुक्त पूंजी पर प्रतिफल (ROCE) दूसरी तिमाही में बढ़कर 22.3% हो गया। कंपनी ने इसे 25% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
प्रणव बंसल ने बताया कि कंपनी अधिक मार्जिन वाले उत्पादों और कम पेबैक अवधि वाली परियोजनाओं में निवेश को प्राथमिकता दे रही है।
बंसल वायर इंडस्ट्रीज का कारोबार
वर्ष 1938 में स्थापित बंसल समूह का हिस्सा बंसल वायर इंडस्ट्रीज लिमिटेड स्टील वायर का निर्माण करती है। कंपनी के अनुसार, वह भारत की सबसे बड़ी स्टेनलेस स्टील वायर निर्माता और बिक्री मात्रा के आधार पर देश की दूसरी सबसे बड़ी स्टील वायर निर्माता है।
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कंपनी ऑटोमोबाइल, केबल, सामान्य इंजीनियरिंग, बुनियादी ढांचे, हार्डवेयर, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं, बिजली पारेषण, कृषि और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को उत्पाद उपलब्ध कराती है।
Bansal Wire Q2 Results में दूसरी तिमाही के दौरान राजस्व, EBITDA, शुद्ध लाभ और बिक्री मात्रा के आंकड़ों में सालाना वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, पहली छमाही में राजस्व और EBITDA बढ़ने के बावजूद शुद्ध लाभ तथा EBITDA मार्जिन में गिरावट रही। कंपनी ने उत्पादन क्षमता के उपयोग, नए उत्पादों और पूंजी दक्षता से जुड़ी अपनी योजनाओं की भी जानकारी दी है।
अस्वीकरण: यह समाचार कंपनी के उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों और प्रबंधन के बयानों पर आधारित है। इसे शेयर खरीदने, बेचने या अपने पास बनाए रखने की सिफारिश नहीं माना जाना चाहिए।
