INDIA Bloc Meeting: वोट चोरी के विरोध और दिल्ली रैली की तैयारियों पर होगी चर्चा

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
नई दिल्ली। INDIA Bloc Meeting: चुनाव में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने अपना विरोध तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में इंडिया गठबंधन गुरुवार शाम वर्चुअल बैठक करेगा। इस INDIA bloc meeting में आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय करने के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रणनीति पर विचार किया जाएगा। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बैठक (INDIA Bloc Meeting) की अध्यक्षता करेंगे। विपक्षी नेताओं के सामने एक अहम एजेंडा 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली की तैयारियों की समीक्षा करना भी होगा। बैठक में यह तय करने पर चर्चा हो सकती है कि कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन को आगे किस तरह जारी रखा जाए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर क्या होगी रणनीति?
इंडिया गठबंधन की इस बैठक (INDIA Bloc Meeting) का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को अपने आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
इसे भी पढें: Drug-Free India 2029: अमित शाह ने बताया नशा-मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य, पुलिस से की खास अपील
इस बीच, महिला आरक्षण अधिनियम को जल्द लागू करने के लिए सरकार की ओर से संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की संभावनाओं पर भी राजनीतिक चर्चा हो रही है। इस संभावित सत्र में परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पेश किए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में विपक्ष की बैठक के दौरान इस घटनाक्रम के राजनीतिक और संसदीय पहलुओं पर भी नजर रहने की संभावना है।
12 अक्टूबर को दिल्ली में निकाला गया था लोकतंत्र मार्च
वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष का आंदोलन पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। 12 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली में इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज से जुड़े लोगों के साथ मिलकर ‘लोकतंत्र मार्च’ निकाला। भारी बैरिकेडिंग वाले रास्ते से निकाले गए इस मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
इसे भी पढें: Red Fort Dussehra Celebration: लाल किला मैदान में दशहरा उत्सव, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा पूरा परिसर
इसी दिन विपक्षी नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका दायर की। उनका आरोप था कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं।
राहुल गांधी के आवास पर हुई थी विपक्षी नेताओं की बैठक
दिल्ली में मार्च के अगले दिन, 13 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन के नेताओं को अपने आवास पर चाय के लिए आमंत्रित किया। इस मुलाकात में आगे के आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन को जारी रखने पर चर्चा हुई।
इसे भी पढें: PM Modi Dussehra Speech: कौन हैं देश के 3 दुश्मन? पीएम मोदी ने दशहरा पर दिया बड़ा संदेश
बैठक (INDIA Bloc Meeting) के बाद विपक्षी गठबंधन ने स्पष्ट किया कि वह कथित वोट चोरी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा और इसे तार्किक अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास करेगा। इसके बाद से ही आंदोलन के अगले चरण और दिल्ली में होने वाली आगामी रैली की तैयारियों को लेकर विपक्षी खेमे में गतिविधियां तेज हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और अधिकारियों को जारी किया नोटिस
15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया के कुछ पहलुओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को नोटिस जारी किया। अदालत में चुनावी प्रक्रिया और दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई हुई।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर को निर्धारित विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित दर्जे से हटाए जाने के फैसले की जांच करने पर भी सहमति जताई। विरोध-प्रदर्शन के दौरान अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने के आरोपों को देखते हुए अदालत ने दिल्ली पुलिस को संबंधित प्रदर्शनों की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।
अब गुरुवार शाम होने वाली इंडिया गठबंधन की वर्चुअल बैठक (INDIA Bloc Meeting) में इन घटनाक्रमों की पृष्ठभूमि में आंदोलन की आगे की दिशा पर चर्चा होगी। साथ ही, 1 नवंबर की दिल्ली रैली को लेकर तैयारियों की समीक्षा के जरिए विपक्षी दल अपने साझा कार्यक्रम और आगामी विरोध-प्रदर्शनों की रणनीति को अंतिम रूप देने की कोशिश करेंगे।
