Red Fort Dussehra Celebration: लाल किला मैदान में दशहरा उत्सव, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा पूरा परिसर

लाल किला मैदान में भव्य दशहरा, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया रावण दहन, यामी गौतम और आनंद एल राय भी रहे मौजूद
नई दिल्ली। Red Fort Dussehra Celebration: राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित विश्व प्रसिद्ध लव कुश रामलीला का विजयादशमी उत्सव मंगलवार, 20 अक्टूबर को भव्यता और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रावण के पुतले पर तीर चलाकर उसका दहन किया। इस मौके पर नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेत्री यामी गौतम धर और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक आनंद एल राय भी मौजूद रहे। दोनों ने बुराई के प्रतीक पुतलों पर तीर चलाकर दशहरा उत्सव में हिस्सा लिया।
रावण दहन होते ही लाल किला मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। हजारों की संख्या में पहुंचे दर्शकों ने इस पारंपरिक आयोजन को देखा और विजयादशमी का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक संदेशों से जुड़े इस समारोह में इस बार महिलाओं के सम्मान को विशेष महत्व दिया गया।
Red Fort Dussehra Celebration इस वर्ष इसलिए भी चर्चा में रहा, क्योंकि लव कुश रामलीला कमेटी ने दशहरा उत्सव की थीम ‘महिला सम्मान’ रखी थी। आयोजकों का उद्देश्य विजयादशमी के पारंपरिक संदेश को महिलाओं के आत्मसम्मान, साहस, समानता और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की भावना से जोड़ना था।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया रावण दहन, कमेटी ने जताया गौरव
लाल किला मैदान में आयोजित समारोह का प्रमुख आकर्षण उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की मौजूदगी रही। उन्होंने रावण के पुतले पर तीर चलाकर दहन किया। लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा कि ऐतिहासिक लाल किला मैदान में देश के उपराष्ट्रपति की उपस्थिति और उनके हाथों रावण दहन होना कमेटी के लिए गौरव का विषय है।
अर्जुन कुमार के मुताबिक, विजयादशमी का आयोजन केवल एक पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज तक महत्वपूर्ण संदेश भी पहुंचाए जा सकते हैं। इसी उद्देश्य से इस वर्ष महिला सम्मान को समारोह के केंद्र में रखा गया।
रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का पारंपरिक संदेश सामने आया। मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए और उत्सव के माहौल में विजयादशमी की खुशियां साझा कीं।
लाल किला मैदान में हर साल होने वाली लव कुश रामलीला अपनी भव्यता और विशिष्ट अतिथियों की भागीदारी के कारण भी आकर्षण का केंद्र रहती है। इस बार उपराष्ट्रपति के साथ फिल्म जगत की चर्चित हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास पहचान दी।
इस बार दशहरा उत्सव की थीम ‘महिला सम्मान’ क्यों रखी गई?
लव कुश रामलीला कमेटी ने इस वर्ष विजयादशमी उत्सव के लिए ‘महिला सम्मान’ की थीम चुनी। इस पहल का उद्देश्य समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत करने का संदेश देना था। आयोजकों ने इस विषय को रावण दहन की परंपरा से जोड़ते हुए अन्याय और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ खड़े होने की जरूरत पर जोर दिया।
कमेटी ने इस संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए अभिनेत्री यामी गौतम धर को विशेष रूप से आमंत्रित किया। उन्होंने बुराई के प्रतीक पुतले पर तीर चलाया। उनकी भागीदारी के जरिए नारी शक्ति, साहस और महिला सशक्तिकरण का संदेश सामने आया।
Red Fort Dussehra Celebration में महिला सम्मान को केंद्र में रखने का एक अहम उद्देश्य यह बताना था कि महिलाओं की गरिमा और अधिकारों की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से ऐसे विषयों पर जनजागरूकता बढ़ाने की कोशिश भी की जा सकती है।
कार्यक्रम में महिला सम्मान की थीम ने विजयादशमी के उस व्यापक संदेश को रेखांकित किया, जिसके तहत बुराई, अन्याय और अहंकार के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा मिलती है। कमेटी ने इस अवसर पर महिलाओं की शक्ति और आत्मसम्मान को विशेष रूप से सामने रखा।
यामी गौतम धर की भागीदारी क्यों रही खास?
अभिनेत्री यामी गौतम धर इस बार के दशहरा समारोह के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहीं। कमेटी की ओर से उनके हालिया फिल्मी किरदार का भी उल्लेख किया गया, जिसमें उन्हें रावण वध से जुड़े दृश्य में दिखाया गया है। ऐसे में ऐतिहासिक लाल किला मैदान में विजयादशमी की परंपरा से उनका जुड़ना दर्शकों के लिए खास रहा।
यामी गौतम ने बुराई के प्रतीक पुतले पर तीर चलाकर महिला सम्मान और नारी शक्ति का संदेश दिया। उनकी मौजूदगी ने इस वर्ष की थीम को अतिरिक्त चर्चा दिलाई। हालांकि समारोह का मूल आधार विजयादशमी की परंपरा ही रहा, लेकिन आयोजकों ने इसके साथ महिलाओं के सम्मान और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की भावना को भी प्रमुखता दी।
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Red Fort Dussehra Celebration के दौरान यामी गौतम की भागीदारी ने धार्मिक आयोजन और महिला सशक्तिकरण के संदेश को एक मंच पर लाने का अवसर दिया। कमेटी की पहल का उद्देश्य महिलाओं के प्रति सम्मान को केवल प्रतीकात्मक संदेश तक सीमित न रखकर सामाजिक व्यवहार में भी महत्व देने की प्रेरणा देना था।
आनंद एल राय की मौजूदगी ने बढ़ाई समारोह की रौनक
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक आनंद एल राय भी लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला के विजयादशमी समारोह में शामिल हुए। उन्होंने भी बुराई के प्रतीक पुतलों पर तीर चलाकर आयोजन में भाग लिया। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम में फिल्म जगत की भागीदारी को और खास बनाया।
यामी गौतम धर और आनंद एल राय जैसे फिल्मी चेहरों की उपस्थिति के कारण इस बार के आयोजन को व्यापक सार्वजनिक आकर्षण मिला। वहीं, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन द्वारा रावण दहन किए जाने से समारोह का महत्व और बढ़ गया।
आयोजकों के लिए यह अवसर भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक सरोकारों को एक साथ सामने रखने का भी था। रावण दहन के साथ महिला सम्मान का संदेश इस कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रहा।
नारी केवल ममता और त्याग की प्रतीक नहीं, अन्याय के खिलाफ शक्ति भी है: अर्जुन कुमार
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने महिला सम्मान की थीम पर बात करते हुए कहा कि नारी केवल ममता और त्याग की प्रतीक ही नहीं है, बल्कि वह अन्याय और बुराई के विरुद्ध खड़े होने वाली शक्ति भी है।
उन्होंने कहा कि रावण अहंकार, अन्याय और सामाजिक बुराइयों का प्रतीक है, जबकि विजयादशमी सत्य और धर्म की विजय का संदेश देती है। उनके अनुसार, इस वर्ष महिला सम्मान को केंद्र में रखने का उद्देश्य महिलाओं की शक्ति, साहस और आत्मसम्मान को पहचान देना तथा समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है।
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अर्जुन कुमार ने कहा कि लाल किला मैदान में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से कमेटी ने सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े संदेश को भी प्रमुखता दी। महिला सम्मान की थीम ने उत्सव को एक अतिरिक्त सामाजिक आयाम प्रदान किया।
उनकी बात का सार यह था कि बुराई पर विजय का संदेश तभी व्यापक अर्थ प्राप्त करता है, जब समाज अन्याय और भेदभाव जैसी समस्याओं के विरुद्ध भी खड़ा हो। महिलाओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
लाल किले की लव कुश रामलीला में पहले भी शामिल हो चुके हैं बड़े फिल्मी सितारे
दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला में इससे पहले भी फिल्म जगत की कई चर्चित हस्तियां रावण दहन कार्यक्रम में भाग ले चुकी हैं। इनमें अक्षय कुमार, अजय देवगन, जॉन अब्राहम, प्रभास, करीना कपूर और फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी जैसे नाम शामिल हैं।
इन हस्तियों की भागीदारी से आयोजन को पहले भी व्यापक पहचान मिलती रही है। धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के साथ फिल्म जगत के चर्चित चेहरों की मौजूदगी इस कार्यक्रम को दर्शकों के बीच अतिरिक्त आकर्षण प्रदान करती है।
इस बार उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, अभिनेत्री यामी गौतम धर और आनंद एल राय की सहभागिता ने विजयादशमी उत्सव को खास बनाया। जहां उपराष्ट्रपति ने रावण दहन किया, वहीं यामी गौतम और आनंद एल राय ने भी बुराई के प्रतीक पुतलों पर तीर चलाए।
Red Fort Dussehra Celebration में इस बार विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी के साथ महिला सम्मान का संदेश प्रमुखता से सामने आया। आयोजन ने भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और महिलाओं के आत्मसम्मान से जुड़े विषयों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया।
रावण दहन के साथ भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश
लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला का विजयादशमी समारोह जय श्रीराम के जयघोष और पर्व की शुभकामनाओं के बीच संपन्न हुआ। रावण दहन के जरिए सत्य और धर्म की विजय का पारंपरिक संदेश दिया गया। इसके साथ ही आयोजकों ने महिला सम्मान, नारी शक्ति और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की भावना को भी सामने रखा।
इस वर्ष की थीम ने यह संदेश दिया कि विजयादशमी का महत्व केवल रावण के पुतले के दहन तक सीमित नहीं है। यह पर्व अहंकार, अन्याय और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा भी देता है। महिला सम्मान को इस आयोजन से जोड़कर कमेटी ने महिलाओं के प्रति समानता और सम्मान के महत्व को रेखांकित किया।
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित Red Fort Dussehra Celebration इस बार भव्य रावण दहन, विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी और ‘महिला सम्मान’ की थीम के कारण खास रहा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रावण दहन किया, जबकि यामी गौतम धर और आनंद एल राय ने भी बुराई के प्रतीक पुतलों पर तीर चलाए। लव कुश रामलीला कमेटी के इस आयोजन में विजयादशमी की परंपरा के साथ नारी शक्ति, आत्मसम्मान, सामाजिक एकता और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का संदेश दिया गया।
