Tiger Shroff Firing Case: कोटा में 3 आरोपी पकड़े गए

मुंबई पुलिस ने बढाई सलमान खान की सुरक्षा
मुंबई। Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान के कोटा में ट्रेन से तीन संदिग्धों को पकड़ा गया। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर की गई। कोटा पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहे थे और उनकी नेपाल भागने की योजना होने का संदेह था।
इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस और एक राहगीर उमेश चव्हाण को गोली लगी। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस के अनुसार वे खतरे से बाहर थे। मुंबई पुलिस ने मामले की जांच के लिए 15 टीमें बनाई थीं। बाद में जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। 
Tiger Shroff firing case में पुलिस हमलावरों की पहचान, वारदात के पीछे के मकसद और सोशल मीडिया पर सामने आए कथित जिम्मेदारी के दावे की जांच कर रही है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने के दावों की भी पड़ताल की जा रही है, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस संबंध को आधिकारिक तौर पर स्थापित नहीं किया है।
Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग कब और कहां हुई?
घटना रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा नरसी पार्क के पास हुई। टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद अपनी कार से वहां से निकल रहे थे। उस समय मैदान के बाहर उनके प्रशंसक भी मौजूद थे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाइक पर आए तीन लोगों में से दो नीचे उतरे और अभिनेता की कार पर गोलियां चलाईं। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया कि हमलावरों ने कुछ समय तक इलाके में रुककर अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखी थी। बाद की पुलिस रिपोर्टों में भी उनकी दिनचर्या की रेकी किए जाने की आशंका जताई गई है।
टाइगर श्रॉफ को गोली नहीं लगी। हालांकि, कार में मौजूद उनके ड्राइवर फिरदौस के बाएं हाथ में गोली लगी और वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ। पुलिस ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाए जाने की पुष्टि की।
हमलावरों ने कितनी गोलियां चलाईं और कैसे भागे?
शुरुआती जानकारी में सात राउंड फायरिंग का दावा किया गया था। हालांकि, बाद में मुंबई पुलिस के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया कि हमलावरों ने अभिनेता की कार पर करीब पांच से छह राउंड गोलियां चलाई थीं। इसलिए गोलीबारी की सटीक संख्या को लेकर शुरुआती और बाद की रिपोर्टों में अंतर है।
फायरिंग के बाद हमलावर बाइक से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास बाइक छोड़ दी और फिर ट्रेन से आगे निकलने की कोशिश की। पुलिस ने बाद में वारदात (Tiger Shroff Firing Case) में इस्तेमाल होने के संदेह वाली मोटरसाइकिल बरामद कर ली।
जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि हमलावरों ने घटना से पहले टाइगर श्रॉफ की दिनचर्या पर नजर रखी थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उन्हें अभिनेता के नियमित फुटबॉल कार्यक्रम की जानकारी कैसे मिली और क्या सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो से उनकी गतिविधियों का अनुमान लगाया गया था।
कोटा में तीनों संदिग्ध कैसे पकड़े गए?
मुंबई में फायरिंग (Tiger Shroff Firing Case) के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी थी। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गईं। मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर राजस्थान पुलिस ने कोटा में कार्रवाई की।
मुंबई पुलिस ने सूचना दी थी कि मामले के संदिग्ध ट्रेन से सफर कर रहे हैं और ट्रेन जल्द कोटा जंक्शन पहुंचने वाली है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर ट्रेन की तलाशी ली। सीसीटीवी फुटेज की मदद से तीनों संदिग्धों को ट्रेन के जनरल डिब्बे से पकड़ा गया।– तेजस्विनी गौतम, पुलिस अधीक्षक, कोटा
कोटा पुलिस ने बताया कि सूचना मिलने के करीब 15 से 20 मिनट के भीतर कार्रवाई की गई। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों के कथित तौर पर नेपाल भागने की योजना होने की बात सामने आई।
कोटा पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद मुंबई पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मुंबई पुलिस की टीम कोटा पहुंची, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करके आरोपियों को मुंबई ले जाया जा सके।
कौन हैं टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले के तीन आरोपी?
मीडिया रिपोर्टों में तीन संदिग्धों की पहचान फूल सिंह, ऋतिक कुमार उर्फ रोशन और रेहान के रूप में बताई गई है। शुरुआती रिपोर्टों में उम्र और पहचान को लेकर कुछ अंतर सामने आया था।
हालांकि, 19 अक्टूबर की शाम प्रकाशित टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया कि तीनों में से कोई भी नाबालिग नहीं है। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी की उम्र 18 साल और अन्य दो की उम्र 22-22 साल है। दो आरोपी हरियाणा और एक बिहार का निवासी बताया गया है।
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रिपोर्टों के अनुसार, बिहार निवासी एक संदिग्ध पिछले तीन से चार साल से मुंबई में रह रहा था और बाइक टैक्सी चलाता था। हालांकि, तीनों की भूमिका, कथित आपराधिक संपर्क और वारदात में उनकी वास्तविक भागीदारी की पुष्टि जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया से होनी है।
मुंबई पुलिस ने बताया कि संदिग्धों को राजस्थान से मुंबई लाया जाना था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय उनके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ था।
क्या फायरिंग के पीछे बिश्नोई गैंग का हाथ है?
घटना (Tiger Shroff Firing Case) के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई, जिसमें अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट में बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के उन लोगों को भी धमकी दी गई, जो कथित तौर पर उनकी बात नहीं सुनेंगे या सलमान खान के साथ काम करेंगे।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी संगठन या व्यक्ति के नाम से जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट अपने आप में उस दावे का प्रमाण नहीं होती। इंडियन एक्सप्रेस की 19 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस इस पोस्ट की जांच कर रही थी, लेकिन उस समय तक लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हमले का संबंध स्थापित नहीं हुआ था।
कोटा पुलिस की शुरुआती पूछताछ के बारे में प्रकाशित रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अनिल पंडित कथित तौर पर एक संदिग्ध रेहान के संपर्क में था। पुलिस इस संपर्क की प्रकृति और फायरिंग में उसकी संभावित भूमिका की जांच कर रही है।
इसलिए फिलहाल बिश्नोई गैंग की भूमिका को जांच के दायरे में मौजूद दावा कहना उचित होगा, न कि स्थापित तथ्य।
पुलिस ने अब तक क्या-क्या कार्रवाई की?

मुंबई पुलिस ने घटना (Tiger Shroff Firing Case) के बाद कई स्तरों पर जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में घटनास्थल का निरीक्षण, सबूत जुटाना और सीसीटीवी फुटेज की जांच शामिल थी।
पुलिस की कार्रवाई के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- घटनास्थल पर बैरिकेडिंग कर जांच की गई और फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए।
- आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
- डीसीपी मोहित गर्ग के हवाले से शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया कि आरोपियों की तलाश के लिए 15 टीमें बनाई गईं।
- कुर्ला, बांद्रा, दादर और कल्याण जैसे रेलवे स्टेशनों तथा प्रमुख ट्रांजिट हब पर तलाशी अभियान चलाया गया।
- अंधेरी रेलवे स्टेशन के पास कथित तौर पर इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई।
- ड्राइवर फिरदौस का बयान दर्ज किया गया।
- मामले में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 3(5), साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 के तहत मामला दर्ज किया गया।
- इसके बाद जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।
पुलिस ने कहा कि मामले के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है। संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही यह पता चल सकेगा कि हमला किस उद्देश्य से किया गया था और इसके पीछे अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना (Tiger Shroff Firing Case) को गंभीर बताया और कहा कि मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है। उनके अनुसार, पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और संदिग्धों की पहचान करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस उन लोगों तक भी पहुंचने की कोशिश करेगी, जो पर्दे के पीछे रहकर कथित तौर पर ऐसी घटनाओं की साजिश रचते हैं या निर्देश देते हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, किसी भी व्यक्ति या संगठन की अंतिम जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी।
एकनाथ शिंदे ने टाइगर श्रॉफ से मुलाकात कर क्या कहा?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे देर रात टाइगर श्रॉफ से मिलने पहुंचे। उन्होंने घटना (Tiger Shroff Firing Case) को गंभीर और निंदनीय बताया तथा कहा कि सार्वजनिक हस्तियों को धमकाने की घटनाओं से सरकार सख्ती से निपटेगी।
टाइगर श्रॉफ के बाएं हाथ में बारूद और कांच के टुकड़ों से चोटें आई थीं। उन्होंने अभिनेता और उनकी मां के सदमे में है। सरकार और पुलिस अभिनेता के साथ हैं और किसी भी तरह की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिंदे ने मुंबई में 1990 के दशक में सक्रिय गैंगवार का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की गुंडागर्दी को दोबारा पनपने नहीं दिया जाएगा।
अभिनेत्री दिशा पाटनी भी देर रात टाइगर श्रॉफ के आवास पर उनसे मिलने पहुंचीं। अभिनेता की चोटों और स्वास्थ्य के संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वह खतरे से बाहर थे।
सलमान खान की सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई?
टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी और सोशल मीडिया पर सामने आई धमकी के बाद मुंबई के बांद्रा इलाके में सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट्स के बाहर सुरक्षा बढ़ाए जाने की खबरें सामने आईं। वहां बुलेटप्रूफ जैकेट पहने पुलिसकर्मियों और पुलिस वाहनों की मौजूदगी देखी गई।
धमकी वाले संदेश में सलमान खान के साथ काम करने वाले लोगों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। इसी वजह से जांच एजेंसियां इस संदेश और फायरिंग के बीच संभावित संबंध की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस कथित संबंध की पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल, इस मामले में तीन संदिग्धों को कोटा में पकड़े जाने, बाइक बरामद होने और जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं, हमले का वास्तविक मकसद क्या था, आरोपियों को टाइगर श्रॉफ की दिनचर्या की जानकारी कैसे मिली, और क्या इस घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका है?
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Tiger Shroff firing case में पुलिस की आगे की पूछताछ और आधिकारिक बयानों से ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
