Tiger Shroff Firing Case: सलमान खान पर हमले की थी योजना?

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग से पहले सलमान खान को निशाना बनाने की थी योजना? अमिताभ, आमिर और अक्षय के घरों की भी हुई रेकी
मुंबई। Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार को हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने से पहले वे अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने की योजना बना रहे थे।
हालांकि, वहां भारी सुरक्षा देखकर उन्होंने कथित तौर पर अपनी योजना बदल दी। इसके बाद टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखी गई और जुहू के फुटबॉल ग्राउंड के बाहर उनकी कार पर गोलीबारी की गई।
Tiger Shroff Firing Case में सामने आई जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियां लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंध, शूटर्स की गतिविधियों, रेकी और विदेश में बैठे संभावित हैंडलर्स की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने टाइगर श्रॉफ के अलावा सलमान खान और दूसरे बॉलीवुड सितारों के घरों की भी निगरानी की थी। हालांकि, इन सभी दावों की पुष्टि जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही हो सकेगी।
मामले के सामने आने के बाद सलमान खान के बांद्रा स्थित आवास के बाहर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। पुलिस की पेट्रोलिंग वैन तैनात की गई और इमारत के अंदर-बाहर तथा आसपास की सड़कों पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बढ़ाई गई।
सलमान खान के घर पर फायरिंग की योजना क्यों बदली गई?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उनकी शुरुआती योजना सलमान खान को निशाना बनाने की थी। इसके लिए उनके घर के बाहर रेकी भी की गई थी। लेकिन वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखकर हमलावरों को लगा कि वारदात को अंजाम देना मुश्किल होगा।
बताया गया है कि जब शूटर्स ने बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अमित पंडित को सलमान खान के घर की सुरक्षा के बारे में जानकारी दी, तो इसके बाद टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने की योजना तैयार की गई। स्रोत के मुताबिक, अमित पंडित ने ही हमले का आदेश दिया था। इस दावे और कथित भूमिका की पुष्टि जांच एजेंसियों को करनी है।
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Tiger Shroff Firing Case में सलमान खान के घर की रेकी का पहलू इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे जांच का दायरा केवल टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी तक सीमित नहीं रहता। पुलिस को यह पता लगाना है कि क्या हमलावरों की योजना में अन्य फिल्मी हस्तियां भी शामिल थीं और कथित तौर पर अलग-अलग ठिकानों की निगरानी किस उद्देश्य से की गई थी।
एक पुलिस अधिकारी के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक, सलमान खान के घर की रेकी किए जाने का दावा सामने आया है, लेकिन इसका वास्तविक मकसद अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच करने की तैयारी में है। आशंका है कि घरों और आसपास के इलाकों की तस्वीरें या वीडियो बनाकर कथित हैंडलर्स को भेजे गए हों।
अमिताभ बच्चन, आमिर खान और अक्षय कुमार के घरों की भी रेकी का दावा
जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग से पहले आरोपियों ने अभिनेता अमिताभ बच्चन, आमिर खान और अक्षय कुमार के घरों के बाहर भी रेकी की थी। बताया गया है कि उन्होंने इन जगहों के वीडियो बनाए और विदेश में बैठे अपने कथित हैंडलर को भेजे।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन वीडियो का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। क्या ये गतिविधियां किसी बड़ी योजना का हिस्सा थीं या किसी खास व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए की गई थीं, यह जांच का विषय है।
Tiger Shroff Firing Case में डिजिटल सबूत अहम भूमिका निभा सकते हैं। मोबाइल फोन में मौजूद तस्वीरें, वीडियो, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल जानकारी से पुलिस आरोपियों की गतिविधियों तथा उनके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा सकती है।
फिलहाल, दूसरे अभिनेताओं के घरों की कथित रेकी से जुड़े सभी पहलुओं को आरोपियों के बयानों और अन्य सबूतों के आधार पर जांचना जरूरी है। केवल किसी जगह की निगरानी किए जाने की जानकारी से अपने आप यह साबित नहीं होता कि वहां हमला करने की योजना निश्चित रूप से बनाई गई थी।
सोशल मीडिया से टाइगर श्रॉफ की फुटबॉल खेलने की दिनचर्या का कैसे चला पता?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को सोशल मीडिया पर टाइगर श्रॉफ के प्रशंसकों की पोस्ट से जानकारी मिली थी कि अभिनेता हर रविवार जुहू स्थित पुष्पा नरसी ग्राउंड में फुटबॉल खेलने जाते हैं।
बताया गया है कि हमलावरों ने इस जानकारी के आधार पर अभिनेता की दिनचर्या पर नजर रखी। उन्हें कथित तौर पर यह भी पता चला कि फुटबॉल खेलने के लिए आने-जाने के दौरान टाइगर श्रॉफ के साथ नियमित पुलिस सुरक्षा नहीं होती थी।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और अन्य जानकारियों का इस्तेमाल अभिनेता की गतिविधियों का अनुमान लगाने के लिए किया गया। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपियों ने कितने समय तक ग्राउंड की निगरानी की और हमले के लिए समय तथा स्थान का चुनाव कैसे किया।
Tiger Shroff Firing Case में सोशल मीडिया की भूमिका इस वजह से भी महत्वपूर्ण है कि सार्वजनिक पोस्ट में साझा की गई नियमित गतिविधियों की जानकारी का गलत इस्तेमाल किसी व्यक्ति की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। हालांकि, इस मामले में आरोपियों ने वास्तव में किन पोस्ट का इस्तेमाल किया, इसकी पुष्टि जांच में सामने आने वाले डिजिटल सबूतों से होगी।
जुहू के फुटबॉल ग्राउंड के बाहर कैसे हुई फायरिंग?
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले रविवार को दोनों कथित शूटर्स पिस्तौल लेकर जुहू के फुटबॉल ग्राउंड पहुंचे। वहां उन्होंने कुछ समय तक टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही अभिनेता की कार ग्राउंड के गेट से बाहर निकली, उन्होंने कथित तौर पर गोलीबारी शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि हमलावर सीधे टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाना चाहते थे। हालांकि, घटना के पीछे का पूरा मकसद और हमले की सटीक परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।
पुलिस के अनुसार, वारदात में कुल तीन लोग शामिल थे। इनमें दो कथित शूटर्स थे, जबकि तीसरा व्यक्ति भागने के लिए बाइक लेकर इंतजार कर रहा था। गोलीबारी के बाद आरोपियों की गतिविधियों और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
Tiger Shroff Firing Case में यह भी जांच की जा रही है कि हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से आए, आरोपियों को किसने उपलब्ध कराए और घटना के बाद उनके फरार होने की व्यवस्था किसने की। इन सवालों के जवाब मिलने से कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है।
फायरिंग के बाद सलमान खान के घर की सुरक्षा बढ़ाई गई
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग और सलमान खान के घर की कथित रेकी से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने अभिनेता के बांद्रा स्थित आवास के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी।
जानकारी के मुताबिक, बांद्रा पुलिस स्टेशन की एक पेट्रोलिंग वैन भी मौके पर मौजूद रही। इमारत के अंदर और बाहर के साथ सड़क के दोनों ओर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
सलमान खान की सुरक्षा को लेकर पुलिस की सतर्कता का एक कारण यह भी है कि मौजूदा मामले में उनके आवास की कथित रेकी और उन्हें निशाना बनाने की शुरुआती योजना का दावा किया गया है।
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हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था में बढ़ोतरी को आरोपियों के बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं माना जा सकता। पुलिस को यह तय करना होगा कि कथित योजना कितनी आगे बढ़ी थी और क्या किसी अन्य व्यक्ति या स्थान को भी तत्काल खतरा था।
राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
मुंबई पुलिस ने मामले की जांच के दौरान राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में फूल सिंह, रेहान और ऋतिक कुमार उर्फ रोशन शामिल हैं। स्रोत में फूल सिंह की उम्र 18 वर्ष और ऋतिक कुमार उर्फ रोशन रामू महतो की उम्र 22 वर्ष बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों की उम्र और नामों की वर्तनी की आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड से पुष्टि की जानी चाहिए।
तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाए जाने की जानकारी दी गई। स्रोत के मुताबिक, मंगलवार देर रात तक उन्हें सड़क मार्ग से मुंबई लाया गया। इसके बाद उनका मेडिकल चेकअप कराया जाना था और फिर उन्हें अदालत में पेश किया जाना था।
इस मामले (Tiger Shroff Firing Case) में गिरफ्तारी और पूछताछ की कार्रवाई का उद्देश्य कथित हमले की योजना, आरोपियों के संपर्कों और घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाना है। गिरफ्तारी अपने आप में किसी आरोपी के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
दिल्ली में भी गिरफ्तारियों की खबर, जांच का दायरा बढ़ा
मूल जानकारी में यह भी कहा गया है कि पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के चार सदस्यों को दिल्ली में गिरफ्तार किया। वहीं, कोटा से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी का अलग विवरण भी दिया गया है। इन गिरफ्तारियों के बीच संबंध और प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका को स्पष्ट करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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Tiger Shroff Firing Case में पुलिस को यह पता लगाना होगा कि कथित शूटर्स, उन्हें सहायता देने वाले व्यक्तियों और विदेश में बैठे बताए जा रहे हैंडलर्स के बीच किस तरह संपर्क स्थापित था। यह भी जांच का विषय है कि क्या आरोपियों को किसी ने आर्थिक मदद, हथियार या भागने के लिए वाहन उपलब्ध कराया था।
मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। पुलिस की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित साजिश का दायरा कितना बड़ा था और किन लोगों की भूमिका के पर्याप्त सबूत मिले।
पुलिस अब किन पहलुओं की जांच कर रही है?
इस मामले (Tiger Shroff Firing Case) में जांच के कई महत्वपूर्ण पहलू हैं। सबसे पहले, पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है, ताकि कथित रेकी, वीडियो साझा करने और हैंडलर्स से संपर्क की जानकारी मिल सके।
दूसरा, जांच एजेंसियों को यह स्पष्ट करना है कि सलमान खान के घर की रेकी और टाइगर श्रॉफ पर हमले के बीच क्या संबंध था। तीसरा, अमिताभ बच्चन, आमिर खान और अक्षय कुमार के घरों के बाहर कथित निगरानी की मंशा का पता लगाना है।
इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच रही है कि वारदात में शामिल तीन लोगों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति ने हमले की योजना बनाने, हथियार उपलब्ध कराने या आरोपियों को फरार होने में मदद की थी या नहीं।
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग का मामला (Tiger Shroff Firing Case) अब केवल जुहू में हुई गोलीबारी की जांच तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सलमान खान को पहले निशाना बनाने की कथित योजना, अन्य बॉलीवुड सितारों के घरों की रेकी और विदेश में बैठे संभावित हैंडलर्स से संपर्क जैसे पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
कोटा और दिल्ली में हुई गिरफ्तारियों के बाद जांच एजेंसियों के सामने अब आरोपियों की भूमिका, डिजिटल सबूत और कथित साजिश के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती है। मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।
